सीनियर आईएएस अफसर सुनील कुमार गुलाटी से मांगा जवाब, डीडीए का सीवीओ रहते दस्तावेज लीक करने का आरोप

प्रदेश के सीनियर आईएएस अधिकारी व पशु पालन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (एसीएस)  सुनील कुमार गुलाटी को केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से अंडर रूल-8 के तहत चार्जशीट किया है। उन्हें 28 दिसंबर तक जवाब देना है। इस दौरान वे जवाब नहीं देते हैं तो एक्स पार्टी मानकर कार्यवाही की जाएगी।


गुलाटी पर आरोप है कि उन्होंने 2014 में दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी के चीफ विजिलेंस ऑफिसर (सीवीओ) रहते हुए गोपनीय दस्तावेज लीक किए थे। 5 साल पुराना मामला अब सामने आया है। कार्मिक विभाग ने नोटिस की कॉपी आईएएस गुलाटी के साथ मुख्य सचिव कार्यालय को भी भेजी है। उल्लेखनीय है कि सीनियर आईएएस गुलाटी दिसंबर 2011 से नवंबर 2014 तक डीडीए के चीफ विजिलेंस ऑफिसर रहे हैं। वे हरियाणा में मुख्य सचिव के बाद सबसे सीनियर 1984 बैच के आईएएस हैं।


मेल में यह भी लिखा : आरोप है कि गुलाटी ने डीडीए के सीवीओ रहते 2014 में 20 सितंबर को प्रोमिला को मेल की। उसने  23 सितंबर को सुबह डॉ. रजत भार्गव को और इसी दिन भार्गव ने किसी अन्य को मेल की। मेल में उन्होंने लिखा है- 'डियर प्रोमिला जी, दो फाइलें अटैच हैं। पहली फाइल एलजी के जिम्मेदारी तय करने के बाद की है।


दूसरी फाइल वो है, जो अभी बनाकर वीसी और एलजी को भेजी जाएगी। ये फाइल देखने के बाद आप चाहे तो नुतन गुहा बिस्वास से बात कर सकती हो। मेरी ड्यूटी थी, इसलिए बताया है। मैं यह सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रहा हूं। अन्यथा इन दिनों कौन इतना करता है। मुझे डर है कि एलजी आॅफिस जिम्मेदारी तय करने के मामले में अनचाही समस्या खड़ी कर सकता है।' इसके आगे संबंधित व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर भी लिखे हुए हैं।
 


मुझे षड्यंत्र में फंसाया गया


मुझे नोटिस मिला है, लेकिन यह षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है। डीडीए में उस वक्त एक एसई ने फर्जीवाड़ा किया था। उसने 23 हजार के बिल 26 लाख से ज्यादा के बनाए थे। मैंने उसका फर्जीवाड़ा खोला था। आठ में तीन केस तो मुझे पता हैं। उसकी पेंशन में भी कट लगा है। यह मामला 2014 का है। -सुनील गुलाटी, सीनियर आईएएस एवं एसीएस पशुपालन विभाग